लेखक: ग्रोक (एआई द्वारा संकलित) तारीख: 14 नवंबर 2025

घटना का विवरण
सीसीटीवी फुटेज में मास्क पहने एक व्यक्ति को कार चला करते देखा गया। विस्फोट अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) जैसे विस्फोटकों से हुआ, जो कार के बोनेट में छिपाए गए थे। यह एक सुसाइड अटैक था, और विस्फोट “प्रीमैच्योर” (अधूरा) था, जिससे क्षति सीमित रही। घटना के समय दो लोग वीडियो बना रहे थे, जिनसे रियल-टाइम फुटेज उपलब्ध हैं।
हताहत और तत्काल राहत कार्य
विस्फोट में कुल 13 लोगों की मौत हुई (हमलावर सहित), और 27 से अधिक घायल हुए। घायलों में से कई को कान में दर्द और सुनने की समस्या हो रही है; तीन आईसीयू में हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है। मृतकों में से केवल 8 की पहचान हो पाई है, क्योंकि शव क्षत-विक्षत थे। पहचाने गए मृतक:
- लोकेश अग्रवाल (उत्तर प्रदेश से, परिवार से मिलने आए थे)।
- अशोक कुमार (अमरोहा से, डीटीसी बस कंडक्टर)।
- पंकज सैनी (कैब ड्राइवर)।
- दिनेश मिश्रा (चांदनी चौक में साड़ी की दुकान पर काम करते थे)।
- नोमान (कॉस्मेटिक स्टोर कर्मचारी)।
- जुम्मन मोहम्मद (ई-रिक्शा चालक, परिवार के एकमात्र कमाने वाले)।
- अन्य दो अज्ञात।
धमाके के तुरंत बाद, 6:55 बजे दिल्ली फायर सर्विस को कॉल मिली, और 7 फायर टेंडर भेजे गए। पुलिस 7:00 बजे तक पहुँच गई, और 7:15 बजे तक एंबुलेंस आ गईं। स्थानीय लोग घायलों को ई-रिक्शा से लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल पहुँचाने में मदद करते रहे। रात 10:00 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अस्पताल पहुँचे और घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने सभी कोणों से जांच का आश्वासन दिया।
जांच की प्रगति
घटना के बाद बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, फॉरेंसिक टीम, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) मौके पर पहुँचे। दिल्ली पुलिस ने अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) के तहत एफआईआर दर्ज की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे से लौटकर इसे “साजिश” बताते हुए एनआईए को जांच सौंपी। 12 नवंबर को केंद्रीय कैबिनेट ने इसे “आतंकी घटना” घोषित किया।
कार का नंबर प्लेट एचआर26 सीई7674 था। इसका मूल मालिक मोहम्मद सलमान (गुरुग्राम) था, जिसने इसे ओखला के देवेंद्र को बेचा था। आगे की बिक्री की जाँच जारी है। 13 नवंबर को रेड फोर्ट को सुरक्षा कारणों से तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया। देशभर में हाई अलर्ट है; हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और स्मारकों पर सतर्कता बरती जा रही है।
यह घटना फरीदाबाद में हुई छापेमारियों से जुड़ी है। 10 नवंबर को ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने 2,900 किलो विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट सहित), राइफलें, पिस्टल और टाइमर बरामद किए। सोशल मीडिया पर सीएनजी विस्फोट की अफवाहें फैलीं, जिन्हें पीआईबी ने खारिज किया।
शामिल आतंकवादी और साजिश
यह एक “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” था, जिसमें फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर शामिल थे। मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अंसार गजवात-उल-हिंद (एजीएच) से जुड़ा था। मुख्य आरोपी:

डॉ. उमर उन नबी (उमर मोहम्मद, 28 वर्ष, पुलवामा से): सुसाइड बॉम्बर। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि वह अकेला कार चला रहा था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करता था। सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद घबरा गया और जल्दबाजी में विस्फोट किया। विस्फोट से पहले पुरानी दिल्ली की फैज इलाही मस्जिद (तुर्कमान गेट के पास) में 10 मिनट रुका, फिर कनॉट प्लेस और दरियागंज गया।

डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई (मुसाइब, 32 वर्ष, पुलवामा से): अल-फलाह में पढ़ाता था। उसके किराए के घर से 360 किलो विस्फोटक बरामद। जनवरी 2025 से रेड फोर्ट की रेकी की।

डॉ. आदिल मजीद राथर (कुलगाम से): सहारनपुर से गिरफ्तार। अनंतनाग मेडिकल कॉलेज के लॉकर से एके-47 मिली। 5 नवंबर को गिरफ्तार।

डॉ. शाहीं सईद (40 वर्ष, लखनऊ से): जेईएम की महिला विंग से जुड़ी। 2016-18 में यूएई में काम किया, जहाँ रेडिकलाइज हुई। 8 नवंबर को गिरफ्तार। उसके पूर्व पति ने बताया कि शादी अरेंज्ड थी, तलाक 2012-13 में हुआ, और उसे कोई संदेह नहीं था।
अन्य गिरफ्तार: डॉ. मोहम्मद अरिफ मीर (कानपुर से, 13 नवंबर), डॉ. फारूक (हापुड़ से, मुजम्मिल का क्लासमेट), मौलवी इरफान (शोपियां से)। जम्मू-कश्मीर में 15 जगहों पर छापे, 20-22 लोग हिरासत में। कुल विस्फोटक 3,000 किलो से अधिक।
साजिश: मॉड्यूल ने 26 लाख रुपये जुटाए, फर्टिलाइजर (एनपीके) खरीदकर विस्फोटक बनाए। योजना 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ) को दिल्ली में 6-7 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट की थी। मूल योजना अगस्त 2025 की थी, लेकिन देरी हुई। 32 कारों का इंतजाम था; 4 बरामद: i20 (विस्फोट वाली), इकोस्पोर्ट (खंदावली से), ब्रेजा (यूनिवर्सिटी पार्किंग से), स्विफ्ट डिजायर (शाहीं की)। डायरियों से तारीखें (8-12 नवंबर), 25 नाम और कोडवर्ड्स मिले। मीटिंग्स कमरा नंबर 13 में होती थीं।
हालिया अपडेट (13-14 नवंबर 2025)
- डीएनए से उमर की पुष्टि; उसके घर को ध्वस्त किया गया।
- अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने दस्तावेज जब्त, एनएएसी ने शो-कॉज नोटिस, ईडी ने फंडिंग जाँच शुरू। फाउंडर जावेद अहमद पर पुराने ठगी के आरोप।
- अमेरिका, सिंगापुर आदि ने निंदा की।
- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह: “हर कश्मीरी आतंकवादी नहीं है।”
- विपक्ष ने सवाल उठाए: 2,900 किलो विस्फोटक कैसे पहुँचे? पुलवामा अटैक की याद।
- गृह मंत्री अमित शाह: “दोषियों को सजा से दुनिया को संदेश मिलेगा।”
निष्कर्ष
यह विस्फोट आतंकवाद की नई चुनौती दिखाता है, जहाँ पढ़े-लिखे पेशेवर रेडिकलाइज हो रहे हैं। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है, लेकिन सवाल बाकी हैं—विस्फोटक कैसे जमा हुए? हमें धैर्य रखना चाहिए, नफरत न फैलाएँ, और आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें। ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मजबूत करनी होगी। नए अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोत देखें। शांति और एकता बनाए रखें। धन्यवाद! (स्रोत: विकिपीडिया , द हिंदू , एनडीटीवी , एल जजीरा , सीएनएन , रॉयटर्स , बीबीसी , द गार्जियन , इंडिया टुडे , एनपीआर , न्यूयॉर्क टाइम्स , एक्स पोस्ट्स [post:0 से post:24]।)